सफलता
अनिकेश जी जैसे ही ऑफिस
से घर आये वैसे ही पत्नी से पूछा 'कार्तिक
के रिजल्ट का क्या हुआ ?' रोहिणी
जी ने बोली 'आप
एक बार बात कर लीजिये उससे ' ' क्यों
क्या हुआ? तुम नहीं बता सकती ?' ' क्या
बताऊँ इस बार भी वह सफल नहीं हो पाया कह रहा था कि पापा के सपने को तोड़ दिया मन
में ऐसा लग रहा खुद को फाँसी लगा लूँ या जहर खा लूँ' सुनते ही अनिकेत जी ने घबराहट में बोले '
कैसी
माँ हो तुम ये क्यों बता रही हो
तुरंत कहना था ना अभी फ़ोन लगाओ उसको”।
रोहिणी जी ने फोन लगाया
पर फोन नहीं उठा। अब दोनों बहुत घबरा गए।
अनिकेत जी पागलों की' तरह बार -बार उसे फोन
करते रहे अंतिम में फोन उठा वीडियो पर कार्तिक का मुरझाया चेहरा साफ नज़र आ रहा
था। अनिकेत जी ने उसे डाँटते हुए हुए पूछा 'फोन
क्यों नहीं उठा रहे थे ' पापा
किस मुँह से बात करूँ आपसे आपने मेरी हर जरूरत पूरी की लेकिन मैं फिर भी आपका सपना पूरा न कर सका मुझे तो शर्म से मर ही
जाना चाहिए '
अनिकेत रूंधे गले से
बोले ' किस बात की शर्म कोई चोरी की
तुमने ? किसी के साथ बदतमीजी की है ?
फिर
किस लिए शर्म इतने लोग प्रतियोगी परीक्षाओं
की
तैयारियां करते है कुछ को सफलता मिलती है बहुतों को नहीं तो क्या सब जीवन त्याग
देते है ? और यह कहाँ की समझदारी है कि
एक रास्ता बंद तो सारे
बंद? मैं भी तो कोई सरकारी अफसर नहीं पर तुम लोगो का
पालन पोषण करने में कोई कमी छोड़ी क्या ?थोड़ी
मेहनत जरूर है ईमानदारी से जीने में मगर इतना कठिन भी नहीं अगर प्रशासनिक सेवा में नहीं आ पाए तो क्या दुनियाँ के
सारे
रास्ते बंद हो
गये
' बेटा तुम्हारी
सफलता
-असफलता कई
एक
परीक्षा नहीं तय
नहीं
कर
सकती
पूरी
ज़िन्दगी
ही
एक
परीक्षा है और
जो
आसानी
से
इसे
पास
कर
लें
वही
सफल
होते हैं । तुम्हारी सफलता
के
लिए
पूरा
जीवन
है
जब
जीवन
ही
नहीं
रहेगा
तो
कैसी
सफलता
और
असफलता?
मेरा
सपना
तुम्हे
एक
कामयाब
इंसान
के
रूप
में
देखने
की
थी
क्या
हुआ
जो
तुम
एक
परीक्षा में सफल
नहीं
हुए
जीवन
बचा
है
और
प्रयास
करो
जीवन
को
जियो.
तुम
घर
आ
जाओ
हम
सब
यहाँ
की
आपाधापी
से
दूर
कुछ
दिन गाँव चलेंगे
शांत
प्रकृति की गोद
में
नदिया
के
किनारे
फूलों
को
निहारेंगे
चिड़ियाँ
की
चहचहाहट
सुनेंगे
और
जीवन
को
एक
नये
सिरे
से
सजाने
का
प्रयास
करेंगे
जिस
दिन
तुम
जीवन
की
असफलताओ
पर
रोने
की
बजाय
मार्ग
निकालना
सीख
लोगे
उसे
दिन
ही
तुम्हारी सच्ची
सफलता तुम्हे मिलेगी
।
कार्तिक
को
उम्मीद
नहीं
थी
कि
पापा
इस
तरह
से
व्यव्हार
करेंगे
ना
डाँट
ना फटकार इतना
प्यार
उसकी
आँखों
से
आँसू
निकल
गये बोला 'पापा
आप
सच
कह
रहे
है
जीवन
अमूल्य
है
और
लड़ना
सबसे
बड़ी
सफलता
होती
है
मैं
एक
बार
फिर
से
प्रयास
करूंगा
पूरे
मन
से और असफल
हो
भी
हो गया तो भी जीवन को सफल जरूर बनाऊँगा अभी मैं आप लोगो के पास आ रहा हूँ प्रकृति
की गोद में सफलता के नए मायने सीखने।
रोहिणी जी ,
अनिकेश
जी और कार्तिक तीनों के चेहरे पर मुस्कान थी।
असफलता को सफलता के नए मायने बताने के अपना बनाने की उपलब्धि पर।
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