कुछ खास
कुछ खास
वह दिखने में सौम्य हंसमुख थी, लेकिन काम के प्रति उनका समर्पण सीखने को मजबूर कर देता हर व्यक्ति जो उनसे मिलता उनका मुरीद हो जाता मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे कुछ दिन उनके साथ काम करने का अवसर मिला ।बहुत कुछ सीखा उनसे। एक दिन मन बहुत उदास था मैं पढ़ी-लिखी लेकिन कुछ खास न कर पाने का मलाल था, यही उदासी का भाव लेकर मैं उनके सामने आ गई और काम करते करते अचानक से पूछ लिया , मैडम सबमें कुछ खास होता है पर मुझ में क्या खास है मुझे तो समझ नहीं आता। काम करते करते अचानक से उनकी दृष्टि मुझ पर ठहरी शायद मेरी उदासी उससे छुप ना सकी थोड़ी देर रुक कर उन्होंने कहा, कितनी भावनाएं हैं आपमें और जब आप लिखती हैं तो सारी भावनाएं हर किसी का दिल छू लेने की क्षमता रखती है मां सरस्वती ने लेखनी का आशीर्वाद दिया है आपको,। उनकी यह बात सुनकर सारी उदासी जैसे गायब सी हो गई और हौसलें ने फिर से उड़ान भर ली।तब से आज कलम को हथियार बना जिंदगी में कुछ खास ना कर पाने का मलाल खत्म किया और आज जब मेरी पुस्तक को लेखन का अति विशिष्ट पुरस्कार मिला तो लोगों की ताली और प्रशंसा के बीच वह दूर खड़ी मुस्कुरा रही थी मानो कह रही हो ,देखा मैंने कहा था ना तुम्हारी कलम तुम्हें वह मुकाम दिलाएगी जिसकी तुम हकदार हो।
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