बेटी
कहा जाता है कि बेटियां लक्ष्मी रूप होती है और जिस घर में बेटियां लक्ष्मी रूप होती हैं और जिस घर में बेटियां होती हैं वह घर सौभाग्यशाली होता है पर आज भी कहीं ना कहींलोगों के मन मे बेटों की चाह रहती ही है पर मेरा मन सदा ही बेटियों को चाहता था। पर मुझे एक बेटी का पिता बनने का सौभाग्य प्राप्त न हो सका। दो बेटे दोनों पढ़ लिखकर अपनी अपनी दुनिया में खुश थे घर में बच्चे बस में और मेरी श्रीमती जी। सरकारी नौकरी से रिटायरमेंट के बाद पेंशन से घर अच्छी तरह चल जाता था पर अकेलापन काटने को दौड़ता था इसलिए एक मेडिकल स्टोर खोल दिया था सारा दिन उसमें रहता था शाम को किसी बगीचे में टहलकर आता था कोई कमी नहीं थी बस बेटी की कमी खलती थी। एक शाम मेडिकल स्टोर पर एक बिटिया दवा की पर्ची लेकर आई और बोली " अंकल यह दवाई दे दीजिए और पूरा बता दीजिए कितने पैसे देने हैं"। मैंने उसकी ओर देखा। फिर पर्चे को देखा काफी दवाईयां थी और महंगी भी। मैंने बोला " बेटा कुल मिलाकर ₹3000 हुए ।कोई हॉस्पिटल में भर्ती है क्या " "जी मेरी मम्मी का ऑपरेशन हुआ है उन्हीं की ...