धन्यवाद
"डॉक्टर साहब मेरे पापा को बचा लीजिए प्लीज डॉक्टर साहब थोड़ा सा समय दीजिए एक बार देख लीजिए उनको"आरुषि ने लगभग रोते हुए कहा ।श्रीकांत ने नर्स से पूछा "क्या केस है इनका" "सर उनके पिता का एक्सीडेंट हो गया है गंभीर चोट आई है अगर सर्जरी 1 घंटे में नहीं की गई तो उनका बचना मुश्किल है" "तो क्या समस्या है? सर्जरी की तैयारी करिए" श्रीकांत ने कहा। " सर उनके पास पैसे नहीं है फीस के फिर कैसे?" आरुषि ने हाथ जोड़कर कहा " सर प्लीज आप ऑपरेशन कर दीजिए एक या दो दिन में मैं आपके पैसे दे जाऊंगी नहीं तो आप छुट्टी नहीं करिएगा अभी मेरे पास बस यह एक सोने की अंगूठी है वह आप ले लीजिए प्लीज मेरा भरोसा करिए" " देखिए फीस हॉस्पिटल में जमा करना होता है मुझे नहीं मैं कैसे यह कर सकता हूं?" सर प्लीज आप कुछ करिए आपकी मदद भी तो कभी किसी ने की होगी" उसने याचना भरे स्वर में कहा श्रीकांत जैसे अचानक से यादों में खो जाते हैं फिर कहते हैं "चलिए देखते हैं क्या मामला है? मैं क्या कर सकता हूं ?श्रीकांत आरुषि के साथ उसके पिता को देखने वार्ड में...